एयर मार्शल भारती ने साफ कहा कि भारत की लड़ाई पाकिस्तानी सेना से नहीं, बल्कि आतंकियों से है। भय बिनु होय ना प्रीत। हमारी लड़ाई आतंकवादियों के साथ है। ‘पाकिस्तानी सेना ने आतंकियों का साथ दिया, इसलिए उन्हें जवाब देना पड़ा, नुकसान के लिए वही जिम्मेदार हैं।’ उन्होंने कहा। सेना ने इस ब्रीफिंग में बताया कि 7 मई को सीमा पार किए गए एक्शन में 9 आतंकी ठिकानों पर 100 आतंकवादियों को मार गिराया गया, जिनमें पुलवामा और कंधार हाईजैक से जुड़े नाम भी शामिल थे।
सेना का बड़ा दावा : चीनी हथियारों से किया PAK ने हमला
भारतीय वायुसेना ने बताया कि पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइल अटैक के लिए चीनी मूल के हथियार इस्तेमाल किए। एयर मार्शल भारती ने बताया कि इन हमलों में लॉन्ग रेंज रॉकेट, UAV, कॉप्टर आदि शामिल थे, जिन्हें भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही मार गिराया। भारत की ओर से ‘आकाश’ जैसी आधुनिक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का भी उपयोग किया गया।
सिर्फ आतंकी ठिकाने निशाने पर, पाक मिलिट्री पर नहीं किया हमला
सेना ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर का लक्ष्य केवल आतंकवाद और आतंकी इन्फ्रास्ट्रक्चर था। मुरीदके और बहावलपुर स्थित आतंकी शिविरों को टारगेट किया गया, जहां सटीक हमलों से आतंकी ढांचे को तबाह किया गया। एयर मार्शल भारती ने कहा, ‘हमने वहां हमला किया जहां उन्हें सबसे ज़्यादा दर्द हो।’ उन्होंने आगे बताया कि लाहौर और गुजरांवाला के रडार सिस्टम को भी निशाना बनाया गया, ताकि पाकिस्तान को ये संदेश दिया जा सके कि भारतीय हमलों की पहुंच कितनी गहरी है।
प्रेस ब्रीफिंग में यह भी बताया गया कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने श्रीनगर से लेकर नलिया तक कई बॉर्डर ठिकानों पर ड्रोन व एयरक्राफ्ट से हमले की कोशिश की। भारतीय डिफेंस सिस्टम ने इन सभी प्रयासों को विफल कर दिया। साथ ही पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी में भारत के 5 जवान शहीद हुए।
इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तानी सेना के 35 से 40 जवानों और अफसरों को मार गिराया, जबकि दुश्मन के सैन्य अड्डों जैसे चकलाला, रफीकी और रहरयार खान पर निशाना साधा गया।
एयर मार्शल भारती ने कहा, ‘हमारे सभी मिलिट्री बेस और सिस्टम ऑपरेशनल हैं। हमने पहले ही समुद्र में ड्रिल की थी और नेवी की तैनाती पूरी तैयारी के साथ की गई थी।’ वाइस एडमिरल प्रमोद ने बताया कि नौसेना ने सर्विलांस और डिटेक्शन में अहम भूमिका निभाई, मल्टीपल सेंसर्स और रडारों से खतरे का समय रहते पता लगाया गया